मुस्कुराना सीख लें
चलो आओ फिर
मुस्कुराना सीख लें...
छोटी है ज़िंदगी
बड़ी है चाहतें,
ख्वाब है बहुत
कम है राहतें,
उन सपनों को अपना
बनाना सीख लें...
चलो आओ फिर
मुस्कुराना सीख लें...
हर कदम पर
टोकती मुश्किलें,
कदम कदम को
रोकती मुश्किलें,
उन मुश्किलों के पार
जाना सीख लें...
चलो आओ फिर
मुस्कुराना सीख लें...
ना तब था,
ना अब है,
यहां कौन अपना
कब है ?
इन अंजानों को अपना
बनाना सीख लें...
चलो आओ फिर
मुस्कुराना सीख लें...
रह गए अकेले
यूं बीच रास्ते,
ना रुका कोई
हमराह के वास्ते
एक एक ही सही,
कदम बढाना सीख लें...
चलो आओ फिर
मुस्कुराना सीख लें...
नरेन्द्र मिश्रा
रायपुर
सम्पर्क सूत्र : 93018 31287